1. अहिंसा: प्राण ऊर्जा का मूल स्रोत अर्थ और महत्व: अहिंसा का अर्थ है विचार, वाणी और कर्म से किसी को भी कष्ट न देना। यह प्राण ऊर्जा को बढ़ाने का सर्वोच्च मार्ग है। अभ्यास के उपाय: विचारो…
स्वस्थ जीवन की नींव में व्यायाम का स्थान सर्वोपरि है, लेकिन आज के समय में व्यायाम को लेकर कई भ्रांतियां और गलतफहमियां भी प्रचलित हैं। इसी विषय पर सुप्रिया जी और आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर विवेक कुमार दुबे की गहन चर्चा ने न केवल व्यायाम के महत्व को उजागर किया, बल्कि इसके सही तरीकों, सावधानियों और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण को भी विस्तार से समझाया।
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