स्वस्थ जीवन की नींव में व्यायाम का स्थान सर्वोपरि है, लेकिन आज के समय में व्यायाम को लेकर कई भ्रांतियां और गलतफहमियां भी प्रचलित हैं। इसी विषय पर सुप्रिया जी और आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर विवेक कुमार दुबे की गहन चर्चा ने न केवल व्यायाम के महत्व को उजागर किया, बल्कि इसके सही तरीकों, सावधानियों और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण को भी विस्तार से समझाया।
नमस्कार साथियों, जैसा कि वर्षा ऋतु का मौसम चल रहा है और पूरे भारत में श्रावण मास की स्थिति में उत्साह का वातावरण है। इस ऋतु में केवल खाद्य पदार्थों और ज…
विश्व आत्महत्या निरोध दिवस के अवसर पर आकाशवाणी बिलासपुर में डॉ. विवेक कुमार दुबे ने मानसिक स्वास्थ्य, अवसाद, जीवनशैली और आत्मविश्वास पर गहन चर्चा की। पढ़ें कैसे आहार, विचार, आचार और विहार हमारे मानसिक संतुलन और जीवन की दिशा तय करते हैं।
त्योहारों के मौसम में, विशेषकर गणेश चतुर्थी जैसे पावन अवसर पर, मानसिक या “मानस” स्वास्थ्य और भारतीय परंपराओं का संबंध अधिक गहराई से महसूस होता है, और इसी संदर्भ में कैप्शन “मानस स्वास्थ्य और संध्या वंदन” पर विचार रखता है । यह दृष्टि संध्या-वेला के छो…
प्रस्तावना आज के समय में जीवन का एक बड़ा हिस्सा डिजिटल डिवाइसेस के साथ बीतता है, जिसके चलते कई लोग डिजिटल फटीग और आगे चलकर डिजिटल एडिक्शन का शिकार हो रहे हैं। यह समस्या विशेषकर ऑफिस, क्लोज एनवायरमेंट और आईटी सेक्टर में काम करने वालों में सामान्य रूप से देखी जाती है। लगातार प्रतिदिन बिना विराम 6–7 घंटे या
आयुर्वेद केवल भारतीय चिकित्सा प्रणाली नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक जागरूक शैली—The Art and Science of Conscious Living—है, जो शरीर, मन, परिवार, समाज और प्रकृति के प्रति सजग रहकर उत्तम स्वास्थ्य और परम लक्ष्य की ओर मार्गदर्शन करती है। आयुर्वेद क्या है आयुर्वेद का शाब्दिक अर्थ है “आयु (जीवन) + वेद (विज्ञान/ज्ञान)”, अर्थात जीवन का
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